UDID Card 2026: ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? लाभ, दस्तावेज़ और स्टेटस चेक पूरी जानकारी


डिजिटल इंडिया पहल के तहत, सरकार ने दिव्यांग नागरिकों के लिए UDID Card (Unique Disability ID) लॉन्च किया है। इसका मुख्य मकसद दिव्यांग लोगों (PwD) को एक ही नेशनल आइडेंटिटी कार्ड देना है ताकि उन्हें बार-बार अलग-अलग सर्टिफिकेट दिखाने की ज़रूरत न पड़े।
2026 में, UDID कार्ड ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को आसान बनाया गया है।

UDID कार्ड – मुख्य जानकारी

UDID Card क्या है?


UDID का फुल फॉर्म है यूनिक डिसेबिलिटी ID.

यह एक सरकार द्वारा जारी किया गया स्मार्ट आइडेंटिटी कार्ड है जो दिव्यांग लोगों को दिया जाता है। इसमें डिजिटली स्टोर होता है:
डिसेबिलिटी का टाइप
डिसेबिलिटी परसेंटेज
सर्टिफिकेट डिटेल्स
पर्सनल जानकारी
इसका फायदा यह है कि एक ही कार्ड से आप पूरे भारत में अपनी डिसेबिलिटी प्रूफ दे सकते हैं।

सरकार का मकसद
UDID प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद है:
✔ नेशनल लेवल डिसेबिलिटी डेटाबेस बनाना
✔ ट्रांसपेरेंट और डिजिटल सिस्टम लाना
✔ नकली डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट को रोकना
✔ सरकारी स्कीमों का सीधा फायदा देना

UDID Card ​​कार्ड के मुख्य फायदे

UDID Card के ज़रिए मिलते हैं कई ज़रूरी फ़ायदे:
दिव्यांग पेंशन का फ़ायदा
स्कॉलरशिप अप्रूवल में आसानी
रेलवे और बस टिकट में कंसेशन
सरकारी नौकरी में रिज़र्वेशन प्रूफ़
सरकारी योजनाओं का डायरेक्ट एक्सेस
ऑल इंडिया वैलिड ID कार्ड
यह कार्ड पूरे देश में वैलिड होता है।

UDID Card अप्लाई करने का पूरा प्रोसेस:


अगर आप नया UDID कार्ड बनवाना चाहते हैं तो ये आसान स्टेप्स फॉलो करें:
स्टेप 1:
ऑफिशियल UDID पोर्टल swavlambancard.gov.in पर जाएं
स्टेप 2:
“न्यू रजिस्ट्रेशन” पर क्लिक करें
स्टेप 3:
अपनी पर्सनल डिटेल्स भरें
नाम
आधार नंबर
पता
मोबाइल नंबर
स्टेप 4:
डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट अपलोड करें
स्टेप 5: फॉर्म सबमिट करें और एकनॉलेजमेंट डाउनलोड करें
वेरिफिकेशन के बाद आपका कार्ड जेनरेट होता है।

UDID का स्टेटस कैसे चेक करें?


एप्लीकेशन सबमिट करने के बाद आप ऑनलाइन स्टेटस चेक कर सकते हैं:
पोर्टल पर लॉगिन करें
एप्लीकेशन नंबर एंटर करें
स्टेटस सेक्शन ओपन करें
अप्रूव होने पर UDID ई-कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है।

आवश्यक दस्तावेज:

यूडीआईडी ​​कार्ड के लिए आवेदन करने हेतु निम्नलिखित दस्तावेज जमा करने होंगे: 

✔️हाल ही की रंगीन तस्वीर की स्कैन की हुई प्रति 

✔️पहचान प्रमाण की स्कैन की हुई प्रति 

✔️पते के प्रमाण की स्कैन की हुई प्रति 

✔️हस्ताक्षर की स्कैन की गई छवि (वैकल्पिक) 

✔️विकलांगता प्रमाण पत्र की स्कैन की गई प्रति (केवल उन विकलांग व्यक्तियों के लिए उपलब्ध है जिनके लिए संबंधित प्राधिकारी द्वारा विकलांगता प्रमाण पत्र जारी किया गया है) 

UDID Card कौन कर सकता है आवेदन?

UDID (Unique Disability ID) कार्ड उन व्यक्तियों के लिए जारी किया जाता है जिन्हें निर्धारित श्रेणियों में दिव्यांगता प्रमाणित हो। नीचे प्रमुख पात्रता शर्तें सरल भाषा में दी गई हैं:


1. अंधापन (Blindness)

किसी व्यक्ति को अंधत्व की श्रेणी में तब माना जाता है जब:

  • उसे दृष्टि बिल्कुल न हो, या
  • बेहतर आंख में चश्मे/लेंस के बाद भी दृष्टि 6/60 या 20/200 (Snellen) से बेहतर न हो, या
  • दृष्टि क्षेत्र 20 डिग्री या उससे कम तक सीमित हो।

2. कम दृष्टि (Low Vision)

ऐसे व्यक्ति जिनकी दृष्टि उपचार के बाद भी सामान्य स्तर तक नहीं पहुंचती, लेकिन वे सहायक उपकरणों (जैसे मैग्निफायर, विशेष चश्मा) की मदद से दैनिक गतिविधियां कर सकते हैं, वे “कम दृष्टि” श्रेणी में आते हैं।


3. बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disability)

यह स्थिति तब मानी जाती है जब मानसिक विकास पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो पाता और व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता औसत से कम होती है, जिससे सीखने और दैनिक कार्यों में कठिनाई होती है।


4. सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy)

यह एक स्थायी अवस्था है, जो गर्भावस्था, जन्म या बचपन में मस्तिष्क को क्षति पहुंचने के कारण होती है। इससे शरीर की गतिविधियों और मुद्रा पर असामान्य नियंत्रण देखने को मिलता है।


5. श्रवण हानि (Hearing Impairment)

यदि बेहतर कान में 60 डेसिबल या उससे अधिक की सुनने की कमी हो (भाषण आवृत्ति सीमा में), तो व्यक्ति श्रवण दिव्यांगता की श्रेणी में आता है।


6. कुष्ठ रोग से मुक्त व्यक्ति (Leprosy Cured)

ऐसे व्यक्ति जो कुष्ठ रोग से ठीक हो चुके हैं, लेकिन:

  • हाथ, पैर या आंखों में संवेदना की कमी हो, या
  • शारीरिक विकृति/पक्षाघात हो लेकिन काम करने में सक्षम हों, या
  • गंभीर विकृति के कारण रोजगार पाना कठिन हो।

7. मानसिक बीमारी (Mental Illness)

मानसिक मंदता को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार का प्रमाणित मानसिक विकार इस श्रेणी में शामिल हो सकता है।


8. चलने-फिरने में अक्षमता (Locomotor Disability)

हड्डियों, जोड़ों, मांसपेशियों या मस्तिष्क संबंधी विकारों के कारण यदि अंगों की गति में गंभीर बाधा आती है, तो इसे चलने-फिरने की अक्षमता माना जाता है।


महत्वपूर्ण सूचना

UDID कार्ड के लिए आवेदन करते समय संबंधित चिकित्सा प्रमाणपत्र और अधिकृत चिकित्सा बोर्ड द्वारा सत्यापन आवश्यक होता है। पात्रता अंतिम रूप से मेडिकल आकलन पर निर्भर करती है।


UDID Card के प्रकार और वैधता: पूरी जानकारी एक नजर में

UDID (Unique Disability ID) कार्ड दिव्यांग व्यक्तियों की श्रेणी और स्थिति के आधार पर अलग-अलग प्रकार में जारी किया जाता है। नीचे कार्ड के प्रकार और उनकी वैधता को सरल भाषा में समझाया गया है।


UDID Card के प्रकार

दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर यूडीआईडी कार्ड तीन श्रेणियों में जारी किया जाता है:

1. व्हाइट कार्ड

यह कार्ड उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिनकी दिव्यांगता 40% से कम होती है।


2. येलो कार्ड

यह तब जारी किया जाता है जब दिव्यांगता का स्तर 40% से अधिक लेकिन 80% या उससे कम हो।


3. ब्लू कार्ड

यह कार्ड उन लाभार्थियों को मिलता है जिनकी दिव्यांगता 80% से अधिक प्रमाणित होती है।


UDID Card की वैधता कितनी होती है?

यूडीआईडी कार्ड दो प्रकार की वैधता के साथ जारी किया जाता है — स्थायी और अस्थायी। यह पूरी तरह मेडिकल आकलन पर निर्भर करता है।

स्थायी (Permanent) UDID Card

यदि मेडिकल बोर्ड यह प्रमाणित करता है कि दिव्यांगता की स्थिति में भविष्य में कोई सुधार या गिरावट की संभावना नहीं है, तो स्थायी यूडीआईडी कार्ड जारी किया जाता है।

अस्थायी (Temporary) UDID Card

जब किसी व्यक्ति की दिव्यांगता में समय के साथ बदलाव संभव हो — यानी स्थिति में सुधार या गिरावट आ सकती हो — तब अस्थायी यूडीआईडी कार्ड दिया जाता है। इसकी वैधता एक निश्चित अवधि तक होती है और समय-समय पर पुनः मूल्यांकन आवश्यक हो सकता है।

📌 ध्यान देने योग्य बात

यूडीआईडी कार्ड जारी करने और उसकी श्रेणी तय करने का अंतिम निर्णय अधिकृत चिकित्सा प्राधिकरण द्वारा किए गए मूल्यांकन पर आधारित होता है।

“दिव्यांग व्यक्तियों के लिए पहचान और स्वास्थ्य सुरक्षा दोनों महत्वपूर्ण हैं। जहां यूडीआईडी कार्ड दिव्यांगता का आधिकारिक प्रमाण देता है, वहीं सरकार की स्वास्थ्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाएं और इसके फायदे क्या हैं? यह जानना भी जरूरी है। यह योजना पात्र परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान करती है।”


FAQ – UDID Card से जुड़े सामान्य प्रश्न


1️⃣ UDID कार्ड क्या है और किसके लिए जरूरी है?

UDID (Unique Disability ID) कार्ड भारत सरकार द्वारा जारी एक पहचान पत्र है, जो दिव्यांग व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं और लाभों का एकीकृत प्रमाण प्रदान करता है। यह विभिन्न सेवाओं और सुविधाओं के लिए उपयोगी होता है।


2️⃣ UDID कार्ड में रंग (White, Yellow, Blue) का क्या मतलब होता है?

यूडीआईडी कार्ड का रंग दिव्यांगता के प्रतिशत पर निर्भर करता है:

  • व्हाइट कार्ड: 40% से कम
  • येलो कार्ड: 40% से 80% तक
  • ब्लू कार्ड: 80% से अधिक

3️⃣ क्या UDID कार्ड की वैधता आजीवन होती है?

यह व्यक्ति की मेडिकल स्थिति पर निर्भर करता है। यदि दिव्यांगता स्थायी है, तो स्थायी कार्ड जारी किया जाता है। यदि स्थिति बदल सकती है, तो अस्थायी कार्ड दिया जाता है जिसकी समय-सीमा निर्धारित होती है।


4️⃣ क्या अस्थायी UDID कार्ड को नवीनीकरण (Renew) करना पड़ता है?

हाँ, यदि मेडिकल प्राधिकरण द्वारा अस्थायी कार्ड जारी किया गया है, तो निर्धारित अवधि पूरी होने पर पुनः मेडिकल जांच और नवीनीकरण आवश्यक हो सकता है।


5️⃣ UDID कार्ड के लिए आवेदन कैसे किया जा सकता है?

आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज, मेडिकल प्रमाणपत्र और पहचान पत्र जमा करना होता है। अंतिम स्वीकृति अधिकृत चिकित्सा बोर्ड द्वारा की जाती है।


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Ram Sharan
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